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News Highlights provides you with the best compilation of the Daily News Highlights taking place across the globe: National, International, Sports, Science and Technology, Banking, Economy, Agreement, Appointments, Ranks, and Report and General Studies

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DAINIK JAGRAN

1.

आनलाइन गेम पर प्रतिबंध, पैसे से जुड़े गेमिंग एप नहीं कर पाएंगे डाउनलोड

देश के 45 करोड़ से अधिक लोगों को आनलाइन गेमिंग के चंगुल से आजाद कराने के लिए लोकसभा ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन आफ आनलाइन गेमिंग बिल, 2025 को पारित कर दिया है। बुधवार दोपहर पेश विधेयक को बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया, क्योंकि विपक्षी सदस्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा करते रहे। बिल के कानून बनने पर पैसे से जुड़े सभी आनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लग जाएगा। लोग गूगल प्ले स्टोर से पैसे से ऐसे गेमिंग एप डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। आनलाइन गेमिंग के चक्कर में पड़े लोग सालाना 20 हजार करोड़ का नुकसान उठाते हैं। बिना पैसे के खेले जाने वाले ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को सरकार प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए सरकार प्राधिकरण का गठन करेगी और योजना भी लाएगी।


2.

हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर खत्म होगा जीएसटी

व्यक्तिगत रूप से खरीदे जाने वाले हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बताया कि केंद्र सरकार ने जीवन और स्वास्थ्य बीमा पालिसियों को जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव रखा है। पिछले एक साल से हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को कम करने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन, जीएसटी काउंसिल की बैठक में राज्यों के बीच इस पर सहमति नहीं बनने से कोई फैसला नहीं हो सका। अब सिर्फ दो स्लैब के साथ जीएसटी के नए वर्जन को लाने की तैयारी चल रही है, जिस पर राज्यों के बीच सहमति बनाने के लिए बुधवार को जीएसटी काउंसिल की तरफ से गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) की बैठक आयोजित की गई। नई दिल्ली के में आयोजित इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी हिस्सा लिया। पांच और 18 प्रतिशत के स्लैब के साथ जीएसटी के नए वर्जन का प्रस्ताव केंद्र ने सभी राज्यों को भेज दिया है। अब जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले इस प्रस्ताव पर सहमति बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है, ताकि काउंसिल की बैठक में अंतिम फैसला लिया जा सके।


3.

भारतीय उत्पादों के लिए अमेरिकी दरवाजे बंद हुए तो रूस में उनका स्वागतः बाबुश्किन

अगर भारत को अमेरिकी बाजार में अपना सामान बेचने में परेशानी हो रही है तो रूस का दरवाजा खुला है। हम भारतीय निर्यात के स्वागत को तैयार हैं। भारत को यह भरोसा दिलाया है रूस के उप राजदूत रोमन बाबुश्किन ने। खासकर ऐसे वक्त जब अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने भारत के खिलाफ टैरिफ जंग छेड़ रखी है और भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान बाबुश्किन ने कहा कि भारत की तेल खरीद नीति पर अमेरिका का दबाव अन्यायपूर्ण है। आज से नहीं बल्कि पिछले दो-ढाई वर्षों से अमेरिका भारत पर दबाव बना रहा है कि वह रूस से तेल की खरीद न करे, लेकिन इसके बावजूद रूस और भारत के बीच ऊर्जा कारोबार जारी है। आगे भी इस तरह के प्रतिबंधों का तोड़ निकाल लिया जाएगा।


4.

अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा बेटी पारिवारिक पेंशन की हकदार : केंद्र

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मियों की मौत के बाद अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा बेटियां निर्धारित शर्तों के अधीन पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र रहेंगी, बशर्ते कि मृत्यु के समय वह उस शख्स पर आश्रित हो। केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने लिखित उत्तर में कहा कि पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा अधिसूचित केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2021 और उसके बाद जारी 26 अक्टूबर 2022 के कार्यालय ज्ञापन में विभिन्न प्रविधान शामिल किए गए हैं। रेलवे और रक्षा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अलग-अलग नियमों के तहत समान प्रविधान प्रदान किए गए हैं। किसी मृत कर्मी या पेंशनभोगी की पत्नी या पुत्र जीवित न हो या वे पारिवारिक पेंशन की पात्रता की शर्तें पूरी नहीं कर पाते हैं तो पारिवारिक पेंशन अविवाहित या विधवा या तलाकशुदा पुत्री को देय होगी। पेंशन तब तक जारी रहेगी जब तक कि उसकी शादी/पुनर्विवाह नहीं हो जाता या वह अपनी आजीविका कमाना शुरू नहीं कर देती।


5.

हवाई यात्रा सुरक्षित करने के लिए बड़े बदलावों की जरूरत : संसदीय समिति

देश में हवाई सुरक्षा की स्थिति बहुत संतोषजनक नहीं है। यदि हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाना है तो सरकार की तरफ से कई स्तरों पर कदम उठाने होंगे। इसके लिए नियामक संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को पूरी तरह से स्वायत्तता देनी होगी। विमान कंपनियों में कार्यरत पायलटों व चालक दल के अन्य सदस्यों को, एटीसी में काम करने वाले कर्मचारी व अधिकारियों की थकान का खयाल रखना होगा। यानी उन्हें एक निर्धारित समय से ज्यादा काम कराने की परंपरा खत्म करनी होगी। विमानन क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को दूर करने के लिए सरकार को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर दूर करने का कार्यक्रम चलाना होगा। ये बातें यातायात, पर्यटन व संस्कृति पर गठित स्थायी संसदीय समिति की रिपोर्ट में कही गई है। जदयू सांसद संजय झा की अध्यक्षता वाली इस समिति की रिपोर्ट को हाल ही में हुए एयर इंडिया विमान हादसे और देश के कुछ हिस्सों में हेलीकाप्टर हादसे के संदर्भ में देखा जा रहा है।


6.

तो क्या निर्वाचित सरकारें राज्यपाल की मर्जी पर निर्भर नहीं होंगी

प्रेसिडेंशियल रेफरेंस पर चल रही सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने विधेयकों पर मंजूरी और उन्हें रोकने के राज्यपाल के विवेकाधिकार पर अपना पक्ष रखा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए। जब केंद्र ने कहा कि राज्यपाल को किसी भी विधेयक को स्थायी रूप से रोकने का अधिकार है तो कोर्ट ने पूछा कि यदि बिल बिना वापस किए हमेशा के लिए रोके जा सकते हैं तो क्या निर्वाचित सरकारें गैर-निर्वाचित राज्यपाल की मर्जी पर निर्भर नहीं होंगी।


7.

चुनौती का सामना करें एमएसएमई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्रंप की टैरिफ की चुनौती को देखते हुए देशवासियों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को हरसंभव तरीके से आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि हम जितना ज्यादा स्वदेशी अपनाएंगे, उतना ही देश मजबूत होगा। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के सरलीकरण की जो घोषणा की उससे एमएसएमई को बड़ा लाभ होगा। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले एमएसएमई की चुनौतियों के समाधान के लिए नई रणनीति पर आगे बढ़ना भी जरूरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की और से भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का सीधा असर देश के एमएसएमई पर कुछ दिखने लगा है। उद्योग संगठनों के अनुमान के मुताबिक इससे एमएसएमई के 30 अरब डालर मूल्य के निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा। कपड़ा, रत्न, रसायन और चमड़ा जैसे क्षेत्रों को ऊंचे टैरिफ से अधिक नुकसान की आशंका है। अमेरिकी खरीदार भारत के लिए अपने निर्यात आदेशों को बदल रहे हैं। बढ़े हुए टैरिफ से एमएसएमई की चुनौतियों से तमाम नौकरियां भी खतरे में पड़ गई हैं। कई बैंक ऋण देने में संकोच कर रहे हैं। इसके अलावा डिजिटल ढांचा, कुशल श्रमिक, बाजार पहुंच, फंडिंग की कमी टेक्नोलाजी, सप्लाई चेन, डाटा सुरक्षा और स्किल डेवलपमेंट में भी उनकी चुनौतियां हैं। आइटी सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स के समक्ष व्यावहारिक मार्गदर्शनन्, एक्सेस और प्रारंभिक निवेश की चुनौती है। खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्यमों में खराब तकनीक और कमजोर लाजिस्टिक व्यवस्था के कारण गुणवत्ता में कमी की चुनौती है। ऊर्जा की अनियमित आपूर्ति और बड़ी कंपनियों से भुगतान में देरी एमएसएमई के विकास में बड़ी बाधा हैं।


8.

जनसुरक्षा बनाम पशु अधिकार

इधर समाज इस आदेश पर बंट गया है। एक और पशु-प्रेमी वर्ग है, जो मानता है कि कुत्तों को इंसानों की तरह जीने का अधिकार है और उन्हें सड़कों से हटाकर शेल्टर होम में डालना अमानवीय है। उनका कहना है कि नसबंदी और टीकाकरण ही स्थायी समाधान है। दूसरी और आम नागरिक हैं, जिनके लिए हर गली मोहल्ले में फैला कुत्तों का आतंक असहनीय हो चुका है और शेल्टर ही तत्काल व्यावहारिक उपाय है। असली सवाल यही है कि नागरिकों की सुरक्षा कब और कैसे सुनिश्चित होगी। कुत्तों के हमले से होने वाली चोटें तो उपचार योग्य हैं, लेकिन असली खतरा है रेबीज।


9.

घुसपैठ पर नियंत्रण का समुचित प्रयास

लाल किले की प्राचीर से दिए गए गए संबोधन में प्रधानमंत्री द्वारा घुसपैठियों से जुड़ी समस्या को इंगित करने के बाद से देश में यह मसला एक बार फिर से जोर पकड़ रहा है। हालांकि घुसपैठियों को बढ़ावा देने वाली राजनीतिक पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं, क्योंकि उनका वोट बैंक हाथ से खिसकता हुआ नजर आ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए उच्च स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन शुरू करने का निर्णय लिया है। वस्तुतः हमारे देश में जिस तरह से राज्यों में डेमोग्राफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है, यह वाकई चिंता का विषय है। बंगाल, असम, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश आदि ऐसे राज्य हैं जिनके कई जिलों में डेमोग्राफी चेंज होने की बात सामने आई है। असम में तो घुसपैठियों ने यहां के कम से कम नौ जिलों की डेमोग्राफी बदल दी है और वहां हिंदू अल्पसंख्यक बन चुके हैं। चिंताजनक स्थिति यह है कि चार दशक में असम में मुस्लिम आबादी 11 प्रतिशत बढ़कर 34.22 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि हिंदू जनसंख्या 11 प्रतिशत कम होते हुए 61.46 प्रतिशत पर आ चुकी है। वहीं, बंगाल के आठ जिलों में हिंदू आबादी में इस अवधि के दौरान तीन प्रतिशत की कमी आई है। बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की आबादी में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं, क्योंकि उनकी आबादी मात्र 33 प्रतिशत है। आरोप यह लगता है कि बांग्लादेश से मुसलमान घुसपैठ कर बंगाल के मुर्शिदाबाद आए, जिससे हिंदू वहां अल्पसंख्यक हो गए।


10.

डिजिटल कंटेंट का बढ़ता बोझ

आपने कभी सोचा है कि आपके स्मार्टफोन में कितने फोटो और वीडियो हैं? अब कल्पना कीजिए कि एक बड़ी कंपनी के पास कितना डिजिटल डाटा होगा। इलेक्ट्रानिक डिवाइस बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी ने हाल ही में एक एआइ कंपनी 'मेमोरीज डाट एआइ' में निवेश किया है जो लाखों घंटों के वीडियो का विश्लेषण कर सकती है। यह खबर हमें एक नई और बड़ी चुनौती के बारे में बताती हैः हम अपनी ही बनाई डिजिटल सामग्री बोझ तले दबते जा रहे हैं।


11.

चीन पर निर्भरता को खत्म करने की जरूरत

भारत दौरे पर आए चीन के विदेश मंत्री की तरफ से रेयर अर्थ मैग्नेट और खाद की सप्लाई शुरू करने का भरोसा दिया गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इससे भारत को खुश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि रेयर अर्थ मैग्नेट और खाद की तरह भारत अब भी विभिन्न महत्वपूर्ण कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भर है। इनकी सप्लाई बाधित होने पर हमारा निर्यात और घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग प्रभावित हो सकती है। भारत के प्रति चीन के पूर्व रवैये को देखते हुए चीन कभी भी ऐसा कर सकता है।


12.

इलेक्ट्रानिक्स का निर्यात 14 अरब डालर के पार

भारत का गैर स्मार्टफोन इलेक्ट्रानिक्स निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 14 अरब डालर के आंकड़े को पार कर गया है।

इस तरह कुल इलेक्ट्रानिक्स निर्यात 38.57 अरब डालर हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32.47 प्रतिशत ज्यादा है। इलेक्ट्रानिक्स और कंप्यूटर साफ्टवेयर निर्यात संवर्धन परिषद (ईएससी) के अनुसार, स्मार्टफोन निर्यात का एक प्रमुख घटक बना हुआ है, लेकिन गैर स्मार्टफोन श्रेणियों के निर्यात में तेज उछाल दर्ज किया गया है।


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